सामुदायिक विकास खंड - विकिपीडिया कई पंचायतों को मिला कर एक विकास खंड होता है इसका मुख्यालय सामुदायिक विकास केन्द्र कहलाता है। एक जिले में कई सामुदायिक विकास
तहसील एवं विकासखण्ड | जनपद गोरखपुर | भारत वर्तमान में जिला गोरखपुर सात तहसीलों में विभाजित है | सभी तहसीलों पर उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार की पोस्टिंग होती है जिनका मुख्य कार्य भुलेख एवं राजस्व सम्बंधित मामलों का देखना है| जिले में 1354 ग्राम सभा एवं 3448 गाँव है| विकास कार्यो की देख रेख के लिए 19 विकास खण्ड, 191 न्याय पंचायत में विभाजित है|
SPIDER : Sankhyikiya Patrika Internet based Data Entry Retrieval . . . - UP सांख्यिकीय पत्रिका नियोजन विभाग, उ प्र के अर्थ एवं संख्या प्रभाग द्वारा प्रकाशित एक महत्वपूर्ण वार्षिक प्रकाशन है। यह प्रकाशन विभाग के मण्डलीय उपनिदेशक, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी तथा विकास खण्ड स्तरीय कार्यालयों द्वारा किया जा रहा है। ग्राम, ग्राम पंचायत, विकास खण्ड, जनपद , मण्डल एवं राज्यस्तरीय आंकड़ों का संकलन एवं प्रकाशन विकास खण्ड, जिला एवं मण्डलीय सांख्यिकीय पत्रिकाओं के रूप में किया जाता है। इसमें विभिन्न स्तरों के लगभग 3500 मदों की सूचनाओं का संकलन है, इनका प्रदर्शन 100 से अधिक तालिकाओं उपतालिकाओं के रूप में किया जाता है। जिला सांख्यिकीय पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 1976 से प्रतिवर्ष जिलावार किया जा रहा है । इसमें सम्मिलित की जाने वाली सूचनाओं में समय-समय पर आवश्यकतानुसार परिमार्जन, संवर्द्धन एवं संशोधन किया जाता रहा है। वर्तमान में सामाजिक तथा आर्थिक क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं की सूचनायें प्रकाशित की जाती है। इसकी तालिका 1 में जनपद के आधारभूत आंकड़े, तालिका 2 (अ) एवं (ब) में जनपद के महत्वपूर्ण सामाजिक तथा आर्थिक संकेतक, तालिका 3 (अ) में प्रमुख मदों के विकास खण्डवार संकेतक तथा तालिका 3 (ब) में इन्हीं संकेतको