संस्कृति और विरासत | जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश सरकार | भारत एक बार जब मंडी में दसवें गुरु दौरे पर थे तो मंडी के राजा ने उन्हें शाही महल में रहने के लिए आमंत्रित किया। गुरु ने मंडी में रहने का निमंत्रण स्वीकार किया लेकिन राजा के साथ नहीं परन्तु उन्होंने शहर के बाहर एक निर्जन स्थान को चुना । उन्होंने मंडी को ग्रह पर सबसे सुरक्षित स्थान माना।
अरबी की उत्पत्ति का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है, जानिए इसकी रोचक . . . अरबी की उत्पत्ति का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है दूसरी ओर भारतीय-अमेरिकी वनस्पति-विज्ञानी सुषमा नैथानी के अनुसार, अरबी (घुइयां) का उत्पत्ति स्थल इंडा-बर्मा उपकेंद्र है इनमें वर्तमान भारत का असम और बर्मा (म्यामार) आते हैं
अरब लोग - विकिपीडिया 'अरब' नाम की उत्पत्ति की सबसे लोकप्रीय कहानी यह है कि यह एक 'यारब' (ur, Yarab) नामक आदमी से आया है जो अरबी भाषा बोलने वाला पहला व्यक्ति था
जिला मण्डी का इतिहास - HPExams. in मण्डी जिला किन दो रियासतों से मिलकर बना है। सुकेत और मण्डी। मण्डी रियासत की स्थापना किसने और कब की थी। बाहुसेन ने 1330 ई० में। मंडी
अरब का इतिहास - विकिपीडिया अरबी प्रायद्वीप की सबसे बड़ी घटना है इस्लाम का जन्म। यह सातवीं सदी के पूर्वार्ध में हुआ था जिसके पहले का इतिहास तथाज्ञात नहीं है।
अरबी संस्कृति - भारतकोश, ज्ञान का हिन्दी महासागर ज्ञानविज्ञान तथा साहित्यिक दृष्टिकोण से अब्बासी काल बहुत महत्व रखता है। यह उन्नति, एक सीमा तक भारतीय, यूनानी, ईरानी प्रभाव के कारण हुई। ज्ञान विज्ञान की उन्नति का प्रारंभ अधिकतर अनुवादों से हुआ जो ईरानी संस्कृति, सुर्यानी (सीरियक) तथा यूनानी भाषा से किए गए थे। थोड़े समय में अरस्तू तथा अफ़लातून की दर्शन की पुस्तकें, नव-अफ़लातूनी टीकाकारों की व्याख्याएँ, जालीनूस (गालेन) की चिकित्सा संबंधी पुस्तकें, गणित विद्या में निपुण उकलैदितस (युक्लिद) तथा बतलीमूस (प्तोलेमी) की पुस्तकें तथा ईरान और भारत को वैज्ञानिक तथा साहित्यिक पुस्तकें अनुवादों द्वारा अरबों के अधिकार में आ गई। अतएव जिन शास्त्रों , विज्ञानों को सीखने में यूनानियों को शताब्दियाँ लग गई थीं उनको अरबों ने वर्षो में सीख लिया और केवल सीखा ही नहीं, उनमें महत्व के संशोधन भी किए। इसी कारण मध्यकालीन इतिहास में अरब वैज्ञानिक साहित्यिक दृष्टि से उन्नति के शिखर पर पहुँच चुके थे। यह सत्य है कि इस सभ्यता का स्रोत प्राचीन मिस्री, बाबुली, फिनीकी तथा यहूदी सभ्यताएँ थीं और उन्हीं से ये धाराएँ बहकर यूनान आई थीं और इस काल में पुन: यूनानी ज्ञान-विज्ञान तथा सभ्यता के रूप में उलटी बहकर पूर्वी देशों में आ रही थीं। इसके पश्चात् ये ही सिक्लिया (सिसिली) तथा स्पेन पहुँची और वहाँ के अरबों ने फिर इन धाराओं को यूरोप पहुँचाया।
History of Mandi District in Hindi – मंडी जिला का इतिहास मण्डी जिला दो रियासतों सुकेत और मण्डी रियासतों से मिलकर बना है। सुकेत रियासत की स्थापना 765 ई में वीरसेन ने की। मण्डी रियासत की स्थापना सुकेत राजवंश के राजा बाहुसेन ने 1000 ई में की थी।